Ayurvediya Panchakarma Chikitsa (आयुर्वेदीय पञ्चकर्म चिकित्सा)
Original price was: ₹170.00.₹145.00Current price is: ₹145.00.
| Author | Acharya Vidyadhar Shukla |
| Publisher | Chaukhambha Surbharati Prakashan |
| Language | Hindi |
| Edition | 2024 |
| ISBN | 978-81-942675-4-6 |
| Pages | 166 |
| Cover | Paper Back |
| Size | 14 x 4 x 22 (l x w x h) |
| Weight | |
| Item Code | CSSO0036 |
| Other | Dispatched in 1-3 days |
10 in stock (can be backordered)
CompareDescription
आयुर्वेदीय पञ्चकर्म चिकित्सा (Ayurvediya Panchakarma Chikitsa) 1. वमन, 2. विरेचन, 3. अनुवासन, 4. निरूह और 5. नस्य- इन पाँचों कर्मों को पञ्चकर्म कहते हैं। इसी अनुक्रम से इनका प्रयोग करना श्रेयस्कर है। आयुर्वेद की प्रतिष्ठा, सम्मान और गौरव कायचिकित्सा अङ्ग से है एवं कायचिकित्सा द्वारा चिकित्स्य रोगों के उपचार में पञ्चकर्म पद्धति का महत्त्वपूर्ण स्थान है।
पञ्चकर्म शब्द दो शब्दों से बना है- पञ्च कर्म। पञ्च शब्द संख्यावाचक है। और मङ्गलार्थक है। आयुर्वेद में पञ्च शब्द का प्रयोग अनेक स्थलों पर किया गया है, जैसे-पञ्चमहाभूत, पञ्चमूल, पञ्चकोल, पञ्च क्षीरीवृक्ष इत्यादि।
कर्म ‘क्रियते इति कर्म’ अर्थात् जो क्रिया की जाती है, उसे कर्म कहते हैं। कर्म, क्रिया, कार्य का आरम्भ-ये समानार्थक शब्द हैं। यहाँ कर्म का अर्थ ‘चिकित्सा’ है। कर्ता के अभीष्ट कार्य को कर्म कहते हैं। द्रव्य के कार्य को उस द्रव्य का कर्म कहते हैं।
पञ्चकर्म संशोधन-चिकित्सा का एक प्रकार है, जिसका प्रयोग स्वस्थवृत्त और चिकित्सा इन दोनों स्थलों में किया जाता है। चिकित्सा में रसायन तथा वाजीकरण सेवन के पहले भी पञ्चकर्म का प्रयोग अनिवार्य रूप से करणीय बतलाया गया है।






Reviews
There are no reviews yet.