Loading...
Get FREE Surprise gift on the purchase of Rs. 2000/- and above.
-10%

Prasthan Trayi Shankarabhashya Me Vyakaran Vimasrha (प्रस्थानत्रयीशाङ्करभाष्य में व्याकरण-विमर्श:)

495.00

Author Ghanshyam Mishra
Publisher Vidyanidhi Prakashan, Delhi
Language Hindi
Edition 2017
ISBN 978-9380651712
Pages 195
Cover Hard Cover
Size 14 x 2 x 22 (l x w x h)
Weight
Item Code VN0030
Other Dispatched in 1-3 days

 

10 in stock (can be backordered)

Compare

Description

प्रस्थानत्रयीशाङ्करभाष्य में व्याकरण-विमर्श: (Prasthan Trayi Shankarabhashya Me Vyakaran Vimasrha) प्रस्थानत्रयीशाङ्करभाष्य के अध्ययन के समय मैंने अनेक स्थलों पर यह पाया कि जहाँ एक शब्द के दो या दो से अधिक अर्थ हो रहे हैं, यदि ऐसे स्थलों पर पाणिनीय व्याकरण का प्रयोग न किया जाय तो अर्थ का स्पष्टीकरण नहीं हो सकता, यदि अर्थ का निर्धारण नहीं हो सकता, तो शाङ्करभाष्य के तात्पर्यार्थ को नहीं समझा जा सकता। तात्पर्यार्थ का निर्धारण न होने से अद्वैत वेदान्त के लक्ष्य ‘परमपुरुषार्थ’ की प्राप्ति नहीं हो सकती। अतः प्रस्तुत ग्रन्थ में पाणिनीय व्याकरण के उपयोग द्वारा दार्शनिक समस्याओं का निराकरण करते हुए अर्थ निर्धारण का प्रयास किया गया है।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Prasthan Trayi Shankarabhashya Me Vyakaran Vimasrha (प्रस्थानत्रयीशाङ्करभाष्य में व्याकरण-विमर्श:)”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Quick Navigation
×